अाजम ने कहा-रेप की वजह मोबाइल Reviewed by Momizat on . रामपुर. यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने छोटी बच्चियों से रेप के लिए मोबाइल फोन को जिम्मेदार बताया है। दिल्ली में पिछले दिनों हुईं घटनाओं पर आजम ने शुक्रवार को रामपुर. यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने छोटी बच्चियों से रेप के लिए मोबाइल फोन को जिम्मेदार बताया है। दिल्ली में पिछले दिनों हुईं घटनाओं पर आजम ने शुक्रवार को Rating: 0
You Are Here: Home » News » National News » अाजम ने कहा-रेप की वजह मोबाइल

अाजम ने कहा-रेप की वजह मोबाइल

अाजम ने कहा-रेप की वजह मोबाइल

रामपुर. यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने छोटी बच्चियों से रेप के लिए मोबाइल फोन को जिम्मेदार बताया है। दिल्ली में पिछले दिनों हुईं घटनाओं पर आजम ने शुक्रवार को कहा, ‘ढाई साल की बच्ची के साथ रेप हो रहा है। क्यों? इसकी वजह मोबाइल फोन है। इसमें बगैर पैसे बहुत गंदगी देखने को मिलती है। छोटे-छोटे बच्चे चीजें (पोर्न) डाउनलोड करते हैं। मेरी जानकारी में आया है कि इसमें ऐसी फिल्में भी डाउनलोड होती हैं, जि‍समें दो-ढाई साल के बच्चों के साथ रेप होता है।’

विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह के विवादित बयान पर भी आजम ने निशाना साधा। आजम ने कहा, ‘बीजेपी ने सवा साल में पिल्ले को कुत्ता बना दिया। पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के मुसलमानों की तुलना पिल्ले से की थी। अब उनके मंत्री ने दलितों की तुलना कुत्ते से की है। यही बीजेपी के संस्कार हैं।’

देश में इमरजेंसी लगाने की मांग कर चुके आजम खान ने कहा, ‘बीजेपी के संस्कार दिन पर दिन अच्छे होते जा रहे हैं। आरएसएस के इन संस्कारों से बीजेपी लगातार देश का नुकसान कर रही है। अब तो प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी को इसका संज्ञान लेना चाहिए।’

नेशनल एससी-एसटी कमीशन ने केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के बयान को गंभीरता से लेते हुए गाजियाबाद पुलिस और यूपी के डीजीपी को नोटिस भेजा है। इसमें पूछा गया है कि उन्होंने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए केस दर्ज क्यों नहीं किया? आयोग के चेयरमैन पीएल पुनिया ने कहा कि पुलिस प्रशासन को दो नवंबर तक अपना जवाब देने को कहा गया है।

हरियाणा के फरीदाबाद में दलित बच्चों को जिंदा जलाने के मामले में सरकार का बचाव करते हुए केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने विवादित बयान दिया था। संसदीय क्षेत्र गाजियाबाद में उन्होंने कहा था, ‘स्थानीय घटनाओं का सरकार से ताल्लुक मत रखिए। उस पर इन्क्वायरी चल रही है। परिवारों के बीच मतभेद था। वो मतभेद किस रूप में परिवर्तित हुआ। कहां पर इंतजामिया का फेल्योर है। एडमिनिस्ट्रेशन का। उसके बाद फिर सरकार के ऊपर आता है… तो हर चीज के अंदर… यदि वहां पर उसने पत्थर मार दिया कुत्ते को, तो सरकार जिम्मेदार है… ऐसा नहीं है।’

विवाद पर जनरल सिंह ने कहा, ‘विडंबना ये है कि हम हर चीज को तोड़-मरोड़कर चलाते हैं। हमारे यहां देश के अंदर लोग-बाग हर चीज को तूल देते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर कोई कुत्ता चलकर जा रहा होगा, उसके कोई पत्थर मार दे तो उसी को तूल दे देंगे। अब आप ये अलग सेंटेंस (वाक्य) को पुरानी बात के साथ जोड़कर कहोगे तो.. जनरल साहब ने दलितों को कुत्ता बोल दिया। मैं तो कहता हूं कि उस पत्रकार को लानत है। उसको पत्रकारिता छोड़ देनी चाहिए। उसको आगरा जाना चाहिए, जहां उसका इलाज चल सके।’

इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी से एक इंटरव्‍यू में पूछा गया था कि क्‍या आपको गुजरात दंगे में लोगों के मारे जाने का दुख है। इस पर मोदी ने जवाब दिया था, ‘अगर कोई पिल्‍ला यानी कुत्‍ते का बच्‍चा भी गाड़ी के नीचे आ जाए, दुख तो तब भी होता है।’ इस पर विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि मोदी ने गुजरात दंगों में मारे गए लोगों की तुलना पिल्‍ले से की।

About The Author

Number of Entries : 3374

Leave a Comment

You must be logged in to post a comment.