विवादों में आई झारखंड फिल्म नीति Reviewed by Momizat on . रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने एवं स्थानीय भाषाओं की फिल्मों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सूचना एवं जन-संपर्क रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने एवं स्थानीय भाषाओं की फिल्मों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सूचना एवं जन-संपर्क Rating: 0
You Are Here: Home » News » Jharkhand News » विवादों में आई झारखंड फिल्म नीति

विवादों में आई झारखंड फिल्म नीति

विवादों में आई झारखंड फिल्म नीति

रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने एवं स्थानीय भाषाओं की फिल्मों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सूचना एवं जन-संपर्क विभाग द्वारा राज्य की फिल्म नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिल्म शूटिंग का विनियमन भी सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के स्तर से गठित की जाने वाली फिल्म नीति का ही हिस्सा होगा।

अतएव विगत 1 सितम्बर 2015 को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित पर्यटन विभाग के फिल्म शूटिंग के विनियमन से संबंधित प्रस्ताव का कार्यान्वयन झारखंड की फिल्म नीति गठित होने तक के लिए स्थगित रहेगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य की फिल्म नीति के संबंध में विचार विमर्श किया।
बताते चलें कि इस फिल्म नीति के तहत झारखंड में फिल्मों की शूटिंग के लिए निर्माता-निर्देशकों को बतौर फीस 50 लाख रुपए देने का प्रावधान किया गया था। इसके बाद फिल्मकारों ने इस नीति का जबरदस्त विरोध किया था।

सीएम ने कहा कि सरकार राज्य के कलाकारों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। झारखंड में एक से बढ़कर एक शूटिंग के लोकेशन्स हैं, जिनका फिल्मों के लिए उपयोग किए जाने पर पर्यटन की संभावनाएं बढ़ेंगी साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर सुलभ होने के साथ-साथ स्थानीय विशिष्ट संस्कृति का प्रसार सम्भव हो पाएगा।

मुख्य सचिव राजीव गौबा ने कहा कि सिनेमा संचार का सबसे शक्तिशाली माध्यम है। अतएव झारखंड राज्य में फिल्मों से संबंधित संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए फिल्म नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव-सह-प्रधान सचिव, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग संजय कुमार ने कहा कि सिनेमा सार्थक बदलाव का वाहक है। फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक यर्थाथ का भी माध्यम हैं, जहां एक साथ सभी कला माध्यमों को प्लेटफॉर्म मिलता है। इसे ध्यान में रखते हुए देश के अन्य राज्यों की फिल्म नीतियों के विशिष्ट अवयवों को भी राज्य की फिल्म नीति में समाहित करने का प्रयास किया गया है।

About The Author

Number of Entries : 3374

Leave a Comment

You must be logged in to post a comment.