भूख और बीमारी से यहां युवती की मौत, चार दिनों से घर में नहीं जला था चूल्हा Reviewed by Momizat on . मड़वन (मुजफ्फरपुर).बिहार के मुजफ्फरपुर के मड़वन ब्लॉक में गरीबी और बीमारी से एक युवती की मौत हो गई। हालात इतने बुरे थे कि आसपास के लोगों के चंदा देने और मुखिया मड़वन (मुजफ्फरपुर).बिहार के मुजफ्फरपुर के मड़वन ब्लॉक में गरीबी और बीमारी से एक युवती की मौत हो गई। हालात इतने बुरे थे कि आसपास के लोगों के चंदा देने और मुखिया Rating: 0
You Are Here: Home » Big Story » भूख और बीमारी से यहां युवती की मौत, चार दिनों से घर में नहीं जला था चूल्हा

भूख और बीमारी से यहां युवती की मौत, चार दिनों से घर में नहीं जला था चूल्हा

मड़वन (मुजफ्फरपुर).बिहार के मुजफ्फरपुर के मड़वन ब्लॉक में गरीबी और बीमारी से एक युवती की मौत हो गई। हालात इतने बुरे थे कि आसपास के लोगों के चंदा देने और मुखिया के तीन हजार रुपए देने के बाद गुरुवार की सुबह कफन का जुगाड़ हुआ तब कहीं जाकर उसका अंतिम संस्कार हो सका। पड़ोसियों का दावा है कि उसके घर में अन्न का एक दाना भी नहीं था। इस कारण पिछले चार दिनों से घर का चूल्हा नहीं जला था। परिवार में कोई नहीं था कमाने वाला…
– युवती की मौत की सूचना पर प्रशासनिक अमला हरकत में आया और एसडीओ ने पीड़ित परिवार को दो बोरा गेहूं और चावल मुहैया कराया।
17 सितंबर से थी तबीयत खराब
– महम्मदपुर सूबे पंचायत के बंगरी में बुधवार की रात दिव्यांग हरेन्द्र साह की 18 वर्षीय पुत्री सोनी कुमारी की तबीयत विश्वकर्मा पूजा के दिन ज्यादा खराब हो गई।
– फैमिली उसे पीएचसी में ले गए, जहां डॉक्टरों ने खून की कमी बताते हुए उसे खून चढ़ाने के लिए एसकेएमसीएच रेफर कर दिया।
– लेकिन पैसे के अभाव में परिजन उसे एसकेएमसीएच नहीं ले जा सके और उसकी मौत हो गई। 10 साल पहले पेशे से मजदूर हरेन्द्र के दोनों पैर हादसे में चले गए थे।
– पांच बच्चों समेत सात लोगों की परवरिश का जिम्मा उठाने वाले हरेन्द्र के लाचार होते ही परिवार में खाने के लाले पड़ने लगे।
– इस बीच, हरेन्द्र की पत्नी किशोरी देवी की दोनों आंखें भी चली गई। कमाने वाला कोई नहीं रहने के कारण अंत्योदय याेजना के अनाज से ही गुजारा होता था।
– हालांकि पैसे के अभाव में जुलाई से वह भी नसीब नहीं हो रहा था। पड़ोसियों ने दावा किया कि परिवार में चार दिन से चूल्हा तक नहीं जला था।
– उन्होंने बताया कि परिवार के लिए 34 किलो अनाज नाकाफी था। इलाज के अभाव में हुई मौत
लोगों का आरोप, भूख से हुई है सोनी की मौत
– स्थानीय लोगों का आरोप है कि सोनी की मौत भूख से हुई है।
– वहीं अंचलाधिकारी के मुताबिक 14 दिन पूर्व ही परिवार को अंत्योदय योजना से 35 किलो अनाज उपलब्ध कराया गया था।
दिव्यांग पेंशन के लिए 5 साल से काट रहे प्रखंड कार्यालय का चक्कर
– मृतका के दिव्यांग माता-पिता का आरोप है कि पिछले पांच साल से दिव्यांग पेंशन के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर काटकर वे थक चुके हैं मगर न दिव्यांग प्रमाण पत्र बना न पेंशन मिली।
– पांच कठ्ठा जमीन है जो चौर में होने से खेती करने लायक नहीं है और आय का कोई दूसरा साधन नहीं होने से परिवार भूखों मरने पर विवश है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
पश्चिमी एसडीओ रंजीता का कहना है कि पीड़ित परिवार के घर में कुछ अनाज मिला है। युवती की मौत लंबी बीमारी से हुई है। जिस समय युवती को एसकेएमसीएच रेफर कर दिया गया था, उस समय इलाज होता तो उसकी जान बच सकती थी। पीड़ित परिवार को कबीर अंत्येष्टि याेजना का लाभ भी दिया गया है।

About The Author

Number of Entries : 8

Leave a Comment

You must be logged in to post a comment.