प्रकृति पर्व करमा के रंग में रंगी रांची Reviewed by Momizat on . रांची। झारखंड के सरना आदिवासियों की प्रमुख प्रकृति पर्व करमा के रंग में पूरी रांची रंग गयी है। शहर के प्रमुख अखरा सज-धज कर तैयार हो चुका है। गुरुवार की रात को न रांची। झारखंड के सरना आदिवासियों की प्रमुख प्रकृति पर्व करमा के रंग में पूरी रांची रंग गयी है। शहर के प्रमुख अखरा सज-धज कर तैयार हो चुका है। गुरुवार की रात को न Rating: 0
You Are Here: Home » News » Jharkhand News » प्रकृति पर्व करमा के रंग में रंगी रांची

प्रकृति पर्व करमा के रंग में रंगी रांची

प्रकृति पर्व करमा के रंग में रंगी रांची

रांची। झारखंड के सरना आदिवासियों की प्रमुख प्रकृति पर्व करमा के रंग में पूरी रांची रंग गयी है। शहर के प्रमुख अखरा सज-धज कर तैयार हो चुका है। गुरुवार की रात को नौ बजे के बाद सभी प्रमुख अखरा में पारंपरिक विधि-विधान से पाहन पूजा संपन्न कराएंगे। यह पर्व भादो मास के शुक्ल पक्ष में सरना धर्मी अच्छी फसल होने की खुशी में करम पर्व मनाते हैं।

यह पर्व भाई-बहनों के प्रेम पर आधारित है। झारखंड में गैरआदिवासी स्थानीय लोग भी बहुतायत संख्या में इस पूजा को संपन्न कराते हैं। विभिन्न अखरा में करम डाली गाड़ कर सरना धर्मी पाहन व हिंदू धर्मी पंडितों के द्वारा पूजा कराते हैं। सरना धर्म बहने 24 घंटे के उपवास पर रहती हैं और रात को अखरा में सज-धज कर पूजा में हिस्सा लेती हैं। पूजा संपन्न होने के बाद देर रात तक अखरा में आदिवासी युवक-युवतियां, बड़े-बुढ़े आधुनिक नागपुरी गीतों पर ढ़ोल-मांदर की थाप पर नृत्य करते हैं।

25 सितंबर को फूलखोंसी कार्यक्रम आयोजित होंगे। सरना धर्म भाई-बहन एक दूसरे को जौवा फूल कान व बाल में एक दूसरे को लगाकर प्रकृति पर्व करमा की शुभकामना देंगी। इसके बाद करम डाली का विसर्जन नृत्य-संगीत करते हुए विभिन्न जलाशयों में विसर्जन किया जाएगा। 25 को देर रात तक खाना-पान कार्यक्रम व नृत्य-संगीत का कार्यक्रम चलेगा।

प्रकृति पर्व करमा के मौके पर राज्यपाल व सीएम ने पूरे राज्यवासियों को शुभकामना दी है। अपने-अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह पर्व झारखंड के प्रकृति प्रेम से जुड़ा है। यह झारखंड के लिए गर्व की बात है कि हमारा आदिवासी समाज आज के आधुनिक दौर में भी प्रकृति से जुड़े हैं और प्रकृति की रक्षा के लिए वचनवद्ध हैं। यह पर्व आपसी प्रेम व भाईचारे को बढ़ाता है।

About The Author

Number of Entries : 3374

Leave a Comment

You must be logged in to post a comment.