पंजाब की बदहाली के लिए बादल जिम्मेदार Reviewed by Momizat on . चंडीगढ़. पंजाब में हाल के दिनों में हुई विभिन्न घटनाओं को लेकर मंगलवार को सिख धार्मिक संगठनों ने बैठक की। गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों की बेअदबी को लेकर चंडीगढ़. पंजाब में हाल के दिनों में हुई विभिन्न घटनाओं को लेकर मंगलवार को सिख धार्मिक संगठनों ने बैठक की। गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों की बेअदबी को लेकर Rating: 0
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पंजाब की बदहाली के लिए बादल जिम्मेदार

पंजाब की बदहाली के लिए बादल जिम्मेदार

चंडीगढ़. पंजाब में हाल के दिनों में हुई विभिन्न घटनाओं को लेकर मंगलवार को सिख धार्मिक संगठनों ने बैठक की। गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों की बेअदबी को लेकर सरबत खालसा में अकाल तख्त के तीन जत्थेदारों को हटा दिया गया। वहीं, सिख संगठनों ने राज्य में हो रही घटनाओं के लिए पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल को जिम्मेदार ठहराया है। बता दें कि अमृतसर के डेरा बाबा नोध सिंह के गांव चब्बा में सरबत खालसा (एक तरह की धार्मिक बैठक) हो रही है।

इसमें जगतार सिंह हवारा को अकाल तख्त का नया जत्थेदार बनाया गया है। केशगढ़ और दमदमा साहिब के जत्थेदारों को भी बदल दिया गया है। अमरीक सिंह अजनाला केशगढ़ और बलजीत सिंह दादूवाल दमदमा साहिब का जत्थेदार बनाए गए हैं।

सरबत खालसा पंथक संकट को हल करने के लिए विभिन्न सिख संगठनों की बुलाई हुई बैठक को कहा जाता है। इसमें जो भी फैसला होता है तख्त साहिब के जत्थेदार कौम को उसे मानने के लिए आदेश देते हैं। सरबत खालसा श्री अकाल तख्त साहिब या किसी अन्य तख्त साहिब पर ही बुलाया जाता है, लेकिन इस बार एसजीपीसी की ओर से संयुक्त अकाली दल और शिरोमणि अकाली दल अमृतसर को इसकी इजाजत न देने के कारण अमृतसर के गांव चब्बा में बुलाया गया है।

जानकारी के मुताबिक देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों सिख यहां पहुंचे हैं। विदेशों से भी सिख सरबत खालसा में हिस्सा लेने के लिए अमृतसर आए हैं। उधर सरबत खालसा बुलाया जाने को लेकर अकाली दल ने निंदा की है। सीएम प्रकाश बादल का कहना है कि जिन संगठनों ने सरबत खालसा बुलाया है उनके पास कोई एजेंडा ही नहीं है।

गौरतलब है कि सरबत खालसा 1986 में भी बुलाया गया था, जिसमें पंजाब को खालिस्तान बनाने का निर्णय लिया गया था। सरबत खालसा को बुलाए जाने को लेकर इसका विरोध भी हो रहा है और इसे सिख समुदाय के लोग सही भी नहीं मान रहे हैं। गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए पंजाब पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। कांग्रेस के एमएलए रमन जीत सिंह सिकी भी सरबत खालसा में हिस्सा ले रहे हैं। गौरतलब है कि सिकी ने गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में एमएलए पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे मंजूर नहीं किया गया है।

अकाली दल यूनाइटेड के नेता भाई मोहकम सिंह ने दावा किया है कि सरबत खालसा पूरी तरह सफल होगा। उन्होंने कहा कि देश व विदेशों से करीब पांच लाख श्रद्धालु इसमें पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिख कौम का अब पांच तख्तों के जत्थेदारों पर विश्वास नहीं रह गया है। सिख कौम अब अपनी अगुवाई किसी योग्य नेता के हाथों में सौंपना चाहती है।

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