धोनी का टेस्‍ट क्रिकेट से संन्‍यास Reviewed by Momizat on . मुंबई: टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। बीसीसीआई के मुताबिक, उनका टेस्ट से रिटायरमेंट तत्काल प्रभाव से लागू होगा। मुंबई: टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। बीसीसीआई के मुताबिक, उनका टेस्ट से रिटायरमेंट तत्काल प्रभाव से लागू होगा। Rating: 0
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धोनी का टेस्‍ट क्रिकेट से संन्‍यास

धोनी का टेस्‍ट क्रिकेट से संन्‍यास

मुंबई: टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। बीसीसीआई के मुताबिक, उनका टेस्ट से रिटायरमेंट तत्काल प्रभाव से लागू होगा। ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ चौथे और आखिरी टेस्ट मैच में विराट कोहली कप्तानी करेंगे। मेलबर्न में तीसरा टेस्‍ट मैच ड्रॉ होते ही ड्रेसिंग रूम में धोनी ने संन्‍यास का एलान किया। ऑस्‍ट्रेलिया से एक सूत्र ने रवि शास्‍त्री के हवाले से बताया कि धोनी का फैसला सुन कर सभी खिलाड़ी सन्‍न रह गए। किसी को इस बारे में भनक तक नहीं थी और न ही कोई यह उम्‍मीद कर रहा था कि बीच सीरीज में धोनी संन्‍यास का एलान कर देंगे।

क्‍यों लिया संन्‍यास
साउथ अफ्रीका के खिलाफ अप्रैल 2008 में अनिल कुंबले की गैर मौजूदगी में कानपुर में पहली बार टेस्ट क्रिकेट की कप्तानी।करने वाले धोनी ने कुछ वक्त पहले टेस्ट से रिटायरमेंट के संकेत दिए थे। लेकिन अचानक यह घोषणा क्‍यों की गई, इसे लेकर कई तरह के कयास लग रहे हैं।

सार्वजनिक रूप से बताए जाने वाले कारण- धोनी के फैसले के पीछे की वजह यह मानी जा रही है कि वह अब सिर्फ वनडे और टी20 पर फोकस करना चाहते हैं। अगले साल होने वाले वर्ल्‍ड कप में भारत की जीत पर ध्‍यान देना चाहते हैं। उनकी कप्तानी में ही भारत ने पिछला विश्व कप जीता था। उनकी कप्तानी में ही भारत ने 2007 में भी टी-20 वर्ल्ड कप जीता था।

ये हैं न बताए जाने वाले कारण-
– विदेश में लगातार छह सीरीज हारने के बाद धोनी पर था दबाव।
– तीनों फॉर्मेट में खेलते रहने के कारण फिजिकली फिट रहना चुनौती था।
– कुछ जानकार मानते हैं कि वह अपने जूनियर (विराट कोहली) की कप्तानी में नहीं खेलना चाहते थे।

…ये कुछ सवाल
दो रिकॉर्ड के बेहद करीब थे धोनी
– 90 टेस्ट खेले, चाहते तो 10 और खेलकर 100 टेस्ट का रिकॉर्ड बना सकते थे।
– 124 रन और बनाते तो टेस्ट क्रिकेट में उनके पांच हजार रन हो जाते।
– यह सवाल भी उठ रहे हैं कि धोनी ने अचानक से संन्यास का फैसला क्यों लिया?
– धोनी ने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में चौथा और आखिरी टेस्ट खेलने तक का इंतजार क्यों नहीं किया?
– मैच के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में धोनी ने संन्यास का जिक्र तक नहीं किया, आखिर क्‍यों ?
आखिर ऐसी क्या बात थी जो धोनी की जगह बीसीसीआई ने उनके टेस्ट रिटायरमेंट की घोषणा की?

बीसीसीआई ने यह बयान जारी कर दी धोनी के संन्‍यास की जानकारी
”भारत के महानतम टेस्ट कप्तानों में से एक, जिनके नेतृत्व में भारत टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन बना, महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। धोनी ने तीनों फॉर्मेट में खेलने की वजह से पड़ने वाले दबाव की वजह से यह फैसला लिया है। धोनी के रिटायरमेंट के फैसले की बीसीसीआई सम्मान करता है। हमें उनको टेस्ट क्रिकेट और भारत के लिए किए गए योगदान के लिए धन्यवाद देते हैं। ”

सुनील गावस्‍कर ने धोनी के बारे में यह कहा
वह हमेशा से फ्रंट पर आकर लीड करते रहे हैं। उन्होंने हमेशा दूसरे खिलाड़ियों के लिए उदाहरण सेट किया। वह हमेशा कूल रहते हैं। आप दबाव में कप्तान को सिर खुजाते और ऊंगली के नाखून चबाते देखते हैं। लेकिन धोनी कभी नर्वस नहीं होते, ताकि दूसरे खिलाड़ियों पर दबाव न बने। टी 20 वर्ल्ड कप के फाइनल के आखिरी ओवर में जोगिंदर शर्मा की गेंदबाजी पर लगातार प्रहार हो रहे थे, लेकिन वह नर्वस नहीं हुए।

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