छह नवंबर को सूखाग्रस्त घोषित होगा पूरा झारखंड Reviewed by Momizat on . रांची. झारखंड सूखाग्रस्त घोषित होगा। छह नवंबर को कृषि विभाग की समीक्षा बैठक के बाद इसकी घोषणा कर दी जाएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई भाजपा विधायक दल क रांची. झारखंड सूखाग्रस्त घोषित होगा। छह नवंबर को कृषि विभाग की समीक्षा बैठक के बाद इसकी घोषणा कर दी जाएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई भाजपा विधायक दल क Rating: 0
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छह नवंबर को सूखाग्रस्त घोषित होगा पूरा झारखंड

छह नवंबर को सूखाग्रस्त घोषित होगा पूरा झारखंड

रांची. झारखंड सूखाग्रस्त घोषित होगा। छह नवंबर को कृषि विभाग की समीक्षा बैठक के बाद इसकी घोषणा कर दी जाएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में इस पर सहमति बन गई है। कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने इसकी पुष्टि की है। इससे पहले बैठक में भाजपा के तमाम विधायकों और मंत्रियों ने एक स्वर में झारखंड को सूखाग्रस्त घोषित करने और राहत कार्य चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जुलाई तक अच्छी बारिश हुई। किसानों ने जमीन गिरवी रखकर बुआई की। फिर बारिश बंद हो गई। फसल बर्बाद हो गई।

ऐसे में सरकार का दायित्व है कि किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में कदम उठाए। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि किसानों के मामले में सरकार गंभीर और संवेदनशील है। ठोस कार्रवाई की जाएगी। बैठक के बाद सीएम द्वारा अधिकृत विधायक राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि अधिकांश विधायकों का कहना था कि सूखाग्रस्त घोषित कर िकसानों को सहायता देनी चाहिए।

सूखा घोषित करने के लिए चार मानक तय हैं। 15 अगस्त तक 50 फीसदी से कम बारिश। इस अवधि तक 50 फीसदी से कम फसलों का आच्छादन। मिट्टी में नमी की स्थिति और नार्मल वैजिटेशन इंडेक्स।

झारखंड में जून में कम बारिश हुई, लेकिन जुलाई में सामान्य से करीब 75 मिलीमीटर अधिक वर्षा हुई। इसके कारण फसलों का आच्छादन बेहतर हुआ, लेकिन जुलाई के अंतिम सप्ताह के बाद बारिश हुई ही नहीं।

राज्य सरकार का मानना है कि शुरुआत में बारिश के बाद किसानों ने कर्ज लेकर बुआई की। बाद में पानी के अभाव में फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। ऐसे में सूखाग्रस्त घोषित कर उन्हें राहत पहुंचाना जरूरी है।

छतरपुर के विधायक राधाकृष्ण किशोर ने पलामू को अकालग्रस्त घोषित करने की मांग की। उन्होंने पलामू में एक कृषि विश्वविद्यालय भी खोलने की मांग उठाई। कहा, पलामू लगातार पांच साल से सूखे की स्थिति झेल रहा है। उन इलाकों के कुएं सूख गए हैं। किसानों पर कर्ज बढ़ता जा रहा है। सरकार राहत कार्य शुरू करे।
तीसरी बैठक: मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं पर विधायक भी नजर रखें। सिर्फ अधिकारियों पर निर्भर रहने से काम नहीं चलेगा। आम तौर पर विधायक दल की बैठक राज्यसभा चुनाव या विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले किए जाने की परंपरा है, लेकिन रघुवर दास ने हरेक दो माह में विधायकों के साथ बैठक करनी शुरू की है। इस तरह की यह तीसरी बैठक थी।

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